Dushman Shayari
Top 20

Dushman Shayari

    कभी कभी तो झगड़ने का जी भी चाहेगा
    मगर ये जंग मोहब्बत से जीती जाएगी

    Amaan Abbas Naqvi
    43 Likes

    हम अम्न चाहते हैं मगर ज़ुल्म के ख़िलाफ़
    गर जंग लाज़मी है तो फिर जंग ही सही

    Sahir Ludhianvi
    62 Likes

    हम अपनी जान के दुश्मन को अपनी जान कहते हैं
    मोहब्बत की इसी मिट्टी को हिंदुस्तान कहते हैं

    Rahat Indori
    208 Likes

    रक़ीब आकर बताते हैं यहाँ तिल है वहाँ तिल है
    हमें ये जानकारी थी मियाँ पहले बहुत पहले

    Anand Raj Singh
    111 Likes

    दुश्मनी का सफ़र इक क़दम दो क़दम
    तुम भी थक जाओगे हम भी थक जाएँगे

    Bashir Badr
    42 Likes

    ज़रा मौसम तो बदला है मगर पेड़ों की शाख़ों पर नए पत्तों के आने में अभी कुछ दिन लगेंगे
    बहुत से ज़र्द चेहरों पर ग़ुबार-ए-ग़म है कम बे-शक पर उन को मुस्कुराने में अभी कुछ दिन लगेंगे

    Javed Akhtar
    33 Likes

    मुझे दुश्मन से भी ख़ुद्दारी की उम्मीद रहती है
    किसी का भी हो सर क़दमों में सर अच्छा नहीं लगता

    Javed Akhtar
    53 Likes

    ठहाका मार कर हथियार हँसते
    नहीं जीतेंगे अब इंसान हमसे

    Umesh Maurya
    0 Likes

    पहले ख़याल रख मिरा मेहमान कर मुझे
    फिर अपनी कोई चाल से हैरान कर मुझे

    हैं कौन आप, याद नहीं,कब मिले थे हम
    इतना भी ख़ुश न होइए पहचान कर मुझे

    Divyansh "Dard" Akbarabadi
    5 Likes

    मैं चाहता यही था सब चाह ख़त्म हो अब
    फिर चाहकर तुम्हें बदला ये ख़याल मेरा

    Abhay Aadiv
    2 Likes

    हो रही थी जंग उसके नाम पर और
    वो ही मेरे दुश्मनों के काम आया

    Shashank Shekhar Pathak
    2 Likes

    याद आई जब मुझे 'फ़रहत' से छोटी थी बहन
    मेरे दुश्मन की बहन ने मुझ को राखी बाँध दी

    Ehsan Saqib
    18 Likes

    दुश्मनी कर मगर उसूल के साथ
    मुझ पर इतनी सी मेहरबानी हो

    मेरे मे'यार का तक़ाज़ा है
    मेरा दुश्मन भी ख़ानदानी हो

    Akhtar Shumar
    43 Likes

    तेरा बनता था कि तू दुश्मन हो
    अपने हाथों से खिलाया था तुझे

    तेरी गाली से मुझे याद आया
    कितने तानों से बचाया था तुझे

    Ali Zaryoun
    108 Likes

    मुझ से नफ़रत है अगर उस को तो इज़हार करे
    कब मैं कहता हूँ मुझे प्यार ही करता जाए

    Iftikhar Naseem
    29 Likes

    इज़हार-ए-इश्क़ उस से न करना था 'शेफ़्ता'
    ये क्या किया कि दोस्त को दुश्मन बना दिया

    Mustafa Khan Shefta
    32 Likes

    सारी दुनिया ने तो नफ़रत से पुकारा मुझको
    माँ समझती है मगर आँख का तारा मुझको

    Muneer shehryaar
    9 Likes

    आप बच्चों का दिल नहीं तोड़ें
    भाई ये दुश्मनी हमारी है

    Vishnu virat
    50 Likes

    जीत ले दुनिया को बिन हथियार के
    कृष्ण की बंसी में ऐसे राग हैं

    Alankrat Srivastava
    10 Likes

    ये भी इक तरकीब है दुश्मन से लड़ने की
    गले लगा लो जिस पर वार नहीं कर सकते

    Shariq Kaifi
    55 Likes

How's your Mood?