@Divyanshverma
Divyansh "Dard" shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Divyansh "Dard"'s shayari and don't forget to save your favorite ones.
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तनवीर चली जाती है साया नहीं जाता
इक तरफ़ा मुहब्बत को भुलाया नहीं जाता
कुछ क़हक़हों से ज़ख़्म छिपाए नहीं छिपते
हर टूटती मूरत को बनाया नहीं जाता
हमारा प्यार यूँ ही पाएमाल होता रहा
हर इक सवाल के बदले सवाल होता रहा
जहांँ में जो भी है उस का लिखा हुआ है अगर
तो क्या हमारा फ़क़त इस्तिमाल होता रहा
तू इंतिख़ाब पर अपने ज़रा गुमाँ मत कर
अगर सही न लगूंँ मैं तुझे तो हांँ मत कर
आप पर हम जो तिलिस्मात करेंगे ही नहीं
ज़ाहिरन आप मुलाक़ात करेंगे ही नहीं
ख़ैर क़िस्मत का लिखा कौन बदल पाया है
ऐसा करते हैं कि हम बात करेंगे ही नहीं
तब मिरा प्यार उन्हें रास नहीं आया था
अब झुलसते हैं मिरे यार की तस्वीरों से
जानता हूँ मैं कि तुम वादा फ़रामोश नहीं
बस तुम्हें याद दिलाने में मज़ा आता है
नदी आँखें भँवर ज़ुल्फ़ें कहाँ तैरूँ कहाँ डूबूँ
कि तेरे शहर में सब की अदाएँ एक जैसी हैं
बाहम किए इन्हें जो यही ढाल बन गए
आई समझ में टुकड़ों की क़ुव्वत शिकस्ता दिल
ये और बात उस ने किया क़त्ल अहद का
ये और बात ज़िंदा थी निस्बत शिकस्ता दिल
मिलने के बाद हर कोई मसरूफ़ हो गया
जब तक नहीं मिले थे सभी बे क़रार थे
कोई सुख़नवरी थी न कोई हुनर था पास
लेकिन हमारे हक़ में तमाम इश्तिहार थे
क्यों मिरे फूल से चेहरे यूँ है मुरझाया सा
तुझ सा तो बाग़-ए-जहाँ में कोई दूजा भी नहीं
कितना ग़लत करोगे हुक़ूमत के नाम पर
धंधा बना लिया है इमारत के नाम पर
हर शय में तीस जोड़ के पंद्रह घटा दिए
ये दे रहे हो हम को रियायत के नाम पर
बेटे के हाथ में लगी तलवार देख कर
माँ डर गई थी वक़्त की रफ़्तार देख कर
तुम्हीं तो चले थे ज़माने से हट कर
यक़ीं था तुम इक दिन हुक़ूमत करोगे
इक तमन्ना अजब शहीद हुई
ज़िंदगी मौत की मुरीद हुई
एक दो साल तो लगेंगे उसे
शायरी तू भी तो जदीद हुई
ऐसे असमंजस में मत डालो मुझे तुम मेरी जान
ठीक से सोचो समझ लो इश्क़ सा है इश्क़ है
प्यार करने की हिम्मत नहीं उनके पास और हमसे किनारा भी होता नहीं
बात सीधे कही भी नहीं जा रही और कोई इशारा भी होता नहीं
उसको उम्मीद है ऐश होगी बसर साथ में जब रहेगी मिरे वो मगर
मुझपे जितनी मुहब्बत बची है सखी इतने में तो गुज़ारा भी होता नहीं
कहा तो उसने ऐसे मुझसे तुम बस मेरा जलवा देखो
कितने पानी में उतरेगा अब की बार वो लड़का देखो
पहले ख़याल रख मिरा मेहमान कर मुझे
फिर अपनी कोई चाल से हैरान कर मुझे
हैं कौन आप, याद नहीं,कब मिले थे हम
इतना भी ख़ुश न होइए पहचान कर मुझे
जो मैं उसके हिस्से में सारा हुआ तो
फिर इक बार वो सब दुबारा हुआ तो
तिरे ख़्वाब तो ऐश ओ आराम के हैं
मिरे साथ जो बस गुज़ारा हुआ तो