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Divyansh "Dard" Akbarabadi

Top 10 of Divyansh "Dard" Akbarabadi

Divyansh "Dard" Akbarabadi

Top 10 of Divyansh "Dard" Akbarabadi

    आप पर हम जो तिलिस्मात करेंगे ही नहीं
    ज़ाहिरन आप मुलाक़ात करेंगे ही नहीं

    ख़ैर क़िस्मत का लिखा कौन बदल पाया है
    ऐसा करते हैं कि हम बात करेंगे ही नहीं
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    Divyansh "Dard" Akbarabadi
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    जानता हूँ मैं कि तुम वा'दा फ़रामोश नहीं
    बस तुम्हें याद दिलाने में मज़ा आता है
    Divyansh "Dard" Akbarabadi
    9
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    नदी आँखें भँवर ज़ुल्फ़ें कहाँ तैरूँ कहाँ डूबूँ
    कि तेरे शहर में सब की अदाएँ एक जैसी हैं
    Divyansh "Dard" Akbarabadi
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    खड़े हैं चैन से अहबाब देखने के लिए
    हमारी आँखों में सैलाब देखने के लिए

    तुम्हें ख़बर भी नहीं कब से मुंतज़िर हूँ मैं
    तुम्हारे साथ नए ख़्वाब देखने के लिए

    निहार लेते हैं तस्वीर गाहे गाहे तेरी
    उस एक ज़ख़्म को शादाब देखने के लिए
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    Divyansh "Dard" Akbarabadi
    7
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    यक़ीन की ही बात थी सो तरबियत में थे नहीं
    वगरना बस वो तीन लफ़्ज़ किस लुग़त में थे नहीं

    मैं क़ैद था क़फ़स में और वो उड़ रहा था सामने
    ये पहली बार था के पंख अहमियत में थे नहीं

    सो मैं ने दिल बना के भेज डाला आप के लिए
    के आप कम से कम मिरी मुख़ालिफ़त में थे नहीं

    मुआ'फ़ कर दिया है हम ने सोच कर के कुछ मगर
    तेरे गुनाह तो ऐ यार माज़रत में थे नहीं

    वो ऐसा शख़्स जिस के चेहरे पर नक़ाब ही नक़ाब
    हम ऐसे शख़्स जो कभी मुनाफ़िक़त में थे नहीं
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    Divyansh "Dard" Akbarabadi
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    ऐसे असमंजस में मत डालो मुझे तुम मेरी जान
    ठीक से सोचो समझ लो इश्क़ सा है इश्क़ है
    Divyansh "Dard" Akbarabadi
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    प्यार करने की हिम्मत नहीं उन के पास और हम से किनारा भी होता नहीं
    बात सीधे कही भी नहीं जा रही और कोई इशारा भी होता नहीं

    उस को उम्मीद है ऐश होगी बसर साथ में जब रहेगी मिरे वो मगर
    मुझ पे जितनी मुहब्बत बची है सखी इतने में तो गुज़ारा भी होता नहीं
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    Divyansh "Dard" Akbarabadi
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    पहले ख़याल रख मिरा मेहमान कर मुझे
    फिर अपनी कोई चाल से हैरान कर मुझे

    हैं कौन आप, याद नहीं,कब मिले थे हम
    इतना भी ख़ुश न होइए पहचान कर मुझे
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    Divyansh "Dard" Akbarabadi
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    जो मैं उस के हिस्से में सारा हुआ तो
    फिर इक बार वो सब दुबारा हुआ तो

    तिरे ख़्वाब तो ऐश ओ आराम के हैं
    मिरे साथ जो बस गुज़ारा हुआ तो
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    Divyansh "Dard" Akbarabadi
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    तू मिला तब मुझे समझ आया
    मैं समझता था इश्क़ कुछ भी नहीं
    Divyansh "Dard" Akbarabadi
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Daqiiq JabaaliDaqiiq JabaaliNaviii dar b darNaviii dar b darAli Mohammed ShaikhAli Mohammed ShaikhMurli DhakadMurli DhakadDeep kamal panechaDeep kamal panechaAbha sethiAbha sethiHasan RaqimHasan RaqimAyush AavartAyush AavartManish jainManish jainKavi Naman bharatKavi Naman bharat