Umesh Maurya

Umesh Maurya

@umeshmaurya

Umesh Maurya shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Umesh Maurya's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal

ख़ुद के भी हाथ कितने गुनाहों में पड़ गए
कहते हैं लोग आज के बच्चे बिगड़ गए

Umesh Maurya

एक-तरफ़ा थी मुहब्बत एक-तरफ़ा रह गई
वो मेरे अश्कों को बस आँखों का पानी कह गई

Umesh Maurya

जो भी है सब उसी का रहा है करा धरा
वर्ना मुझे तो शाइरी का इल्म भी नहीं

Umesh Maurya

वो समझ बैठी मुहब्बत को महज़ इक शाइरी
हम पे क्या गुज़री हक़ीक़त में बयाँ कैसे करें

Umesh Maurya

बिना छूकर के छूना था
यही थी शर्त उल्फ़त की

Umesh Maurya

कोई हम से कहीं ज़्यादा तुम्हें चाहे तो अच्छा हो
ग़लतफ़हमी हमारी दूर हो जाए तो अच्छा हो

Umesh Maurya

लगातार उनसे तो मिलते नहीं पर
मुलाक़ात फुटकर में होती रही है

Umesh Maurya

तेरे जज़्बात सुनना चाहता हूँ
बयाँ कर दे बहाने से किसी के

Umesh Maurya

बदन चाहते तो हज़ारों ही मिलते
मुझे तो तुम्हारा जिगर चाहिए था

Umesh Maurya

जीवन पज़ल है और किसी खेल की तरह
हम क़ैद में हैं आज खुली जेल की तरह

Umesh Maurya

दुनिया में कुछ नहीं है इसे जानने को भी
हर चीज़ जानना पड़े उस के वजूद तक

Umesh Maurya

इक शख़्स क्या गया जो मेरे दिल की बज़्म से
जैसे कि इस जहान में कोई नहीं रहा

Umesh Maurya

शायद तलाश ख़त्म हो तेरी कमी के साथ
अच्छा रहा मज़ाक मेरी ज़िन्दगी के साथ

Umesh Maurya

भर लिया है आँख में तुम को दिखे तो क्या दिखे
अब दिखे तो हर किसी में कुछ न कुछ तुम सा दिखे

Umesh Maurya

ख़ुद को भी शर्म आए मुहब्बत के नाम पर
थी इस क़दर की बेरुख़ी सब कुछ बदल गया

Umesh Maurya

यूँ ज़िन्दगी कटी है महज़ हाल चाल में
पर जी रहे हैं आज भी उसके ख़याल में

Umesh Maurya

एक घर भी बना नहीं पाया
बाप बूढ़ा हुआ जवानी में

Umesh Maurya

चाँद सूरज फूल कलियाँ और नदियों की तरह
देख तो सकता हूँ तुझको सर से लेकर पाँव तक

Umesh Maurya

कभी मौक़ा मिले जो फ़ुर्सत हो
तो कभी आस पास हो जाएँ

Umesh Maurya

मेरा ख़याल भी कभी तेरा ख़याल हो
तू भी करे तलाश मुझे भी ख़याल में

Umesh Maurya

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