@ssp_pathak
Shashank Shekhar Pathak shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Shashank Shekhar Pathak's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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किसी का गर सुकूँ हो तो किसी का मसअला हो तुम
दवा हो तुम, दुआ हो तुम, मरज़ हो तुम, बला हो तुम
जुर्म किसका किसके सर इल्ज़ाम आया
आज रोया जाके तब आराम आया
हो रही थी जंग उसके नाम पर और
वो ही मेरे दुश्मनों के काम आया
जो तू नहीं तो कुछ नहीं मुझको मयस्सर लगता है
तू हो अगर तो मुझको कतरा भी समंदर लगता है
है हाल क्या क्या मैं कहूँ जब से गई हो छोड़कर
दिल भी नहीं लगता कहीं घर भी कहाँ घर लगता है
जीते जी मरना होता है तुम क्या जानो क्या होता है
इश्क़ करोगे तब समझोगे इश्क़ नहीं पूरा होता है
मिलना और बिछड़ जाना है खेल नहीं किस्मत का 'पाठक'
हो ही जाता है वो अक्सर होना जिसे जुदा होता है
अधूरी मुद्दतों से इक कहानी लिख रहा हूँ मैं
फ़रेब, इश्क़,आग और पानी लिख रहा हूँ मैं
कि मिलने आ रहे हैं फिर न मिलने की जो शर्त पर
हाँ नाम उनके ही ये ज़िंदगानी लिख रहा हूँ मैं
मेरे ख़्वाब नहीं पूरे होते हाँ नींद से मैं अब डरता हूँ
तेरी याद अगर आ जाए तो तस्वीर से बातें करता हूँ
तेरी अंँगड़ाई के आलम का ख़याल आया जब
ज़ेहन-ए-वीरांँ में खनकने लगे कंगन कितने
दिल की ख़ातिर एक रिश्ते को बचाने के लिए
आग मैंने ही लगा ली ख़ुद मिरे घरबार में
पार जिसको कर रहा था लड़ के तूफ़ानों से मैं
ख़ुद वही मुझको चला है छोड़कर मझधार में
तेरे आने की ख़ुशी है न है फ़ुर्क़त का ग़म
ग़म ये है बीत गये प्यार के सावन कितने
सजा दूँ मांँग मैं तेरी लहू से आज मैं अपने
बुरा मानो अगर मेरे न तुम सरकार, होली में
जिसकी खा़तिर हम भुला बैठे हैं दुनिया
दोस्तों से ही उन्हें फ़ुर्सत नहीं है
छोड़ दूँ उसको भला मैं किस तरह से
वो मोहब्ब़त है मिरी, आदत नहीं है
जिसकी खा़तिर हम भुला बैठे हैं दुनिया
दोस्तों से ही उन्हें फ़ुर्सत नहीं है