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अब चाय ठंडी नहीं होगी
दाढ़ी अब नहीं बढ़ेगी
दाढ़ी अब नहीं बढ़ेगी
अब क़मीस के बटन नहीं टूटेंगे
तग़ाफ़ुल किसी का अब नहीं सताएगा
अब किसी के इंतिज़ार का ग़म नहीं रुलाएगा
थकन अब पैरों से नहीं उलझेगी
फ़ासले अब दरमियाँ नहीं आएँगे
दिल में अब कोई ख़लिश नहीं होगी
अब देर तक नींद आएगी
ऑफ़िस जाने के लिए
मुझे अब बीवी जगाएगी
Read Fullतग़ाफ़ुल किसी का अब नहीं सताएगा
अब किसी के इंतिज़ार का ग़म नहीं रुलाएगा
थकन अब पैरों से नहीं उलझेगी
फ़ासले अब दरमियाँ नहीं आएँगे
दिल में अब कोई ख़लिश नहीं होगी
अब देर तक नींद आएगी
ऑफ़िस जाने के लिए
मुझे अब बीवी जगाएगी
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सता रही है बहुत मछलियों की बास मुझे
बुला रहा है समुंदर फिर अपने पास मुझे
बुला रहा है समुंदर फिर अपने पास मुझे
हवस का शीशा-ए-नाज़ुक हूँ फूट जाऊँगा
न मार खींच के इस तरह संग-ए-यास मुझे
मैं क़ैद में कभी दीवार-ओ-दर की रह न सका
न आ सका कभी शहरों का रंग रास मुझे
मैं तेरे जिस्म के दरिया को पी चुका हूँ बहुत
सता रही है फिर अब क्यूँ बदन की प्यास मुझे
मिरे बदन में छुपा है समुंदरों का फ़ुसूँ
जला सकेगी भला क्या ये ख़ुश्क घास मुझे
गिरेगा टूट के सर पर ये आसमान कभी
डराए रखता है हर दम मिरा क़यास मुझे
झुलस रहा हूँ मैं सदियों से ग़म के सहरा में
मगर है अब्र-ए-गुरेज़ाँ की फिर भी आस मुझे
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मिरी हयात को बे-रब्त बाब रहने दे
वरक़ वरक़ यूँ ही ग़म की किताब रहने दे
वरक़ वरक़ यूँ ही ग़म की किताब रहने दे
मैं राहगीरों की हिम्मत बँधाने वाला हूँ
मिरे वजूद में शामिल शराब रहने दे
तबाह ख़ुद को मैं कर लूँ बदन को छू के तिरे
तू अपने लम्स का मुझ पर अज़ाब रहने दे
ज़रा ठहर कि अभी ख़ून में समाई नहीं
मिरे क़रीब बदन की शराब रहने दे
भुला चुका हूँ मैं सब कुछ दिला न याद मुझे
जो खो चुका हूँ अब उस का हिसाब रहने दे
जला लिया है बदन अपनी आग में मैं ने
बुझा न इस को अभी ये अज़ाब रहने दे
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वरक़ वरक़ ये फ़साना बिखरने वाला था
बचा लिया मुझे उस ने में मरने वाला था
बचा लिया मुझे उस ने में मरने वाला था
शगुफ़्ता फूल परेशाँ हुआ तो ग़म न करो
कि वो तो यूँ भी हवा में बिखरने वाला था
मैं उस को देख के फिर कुछ न देख पाऊँगा
ये हादिसा भी मुझी पर गुज़रने वाला था
सदा-ए-संग ने मुझ को बचा लिया वर्ना
मैं इस पहाड़ से टकरा के मरने वाला था
मैं बे-क़ुसूर हूँ ये फ़ैसला हुआ वर्ना
मैं अपने जुर्म का इक़रार करना वाला था
पहाड़ सीना-सिपर हो गया था मेरे लिए
वगर्ना मुझ में समुंदर उतरने वाला था
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