मेरी तस्वीरें जला दो साहिबा
और फिर शम्मा बुझा दो साहिबा
एक क़िस्सा एक लड़का और तुम
अब तो मुझ को चुप करा दो साहिबा
ख्वाब के ही हम सहारे चल रहे हैं
ज़ख्म को भी गुदगुदाते चल रहे हैं
क्या बताएं अब तुम्हें हम हाल अपना
हिज्र में कैसे दीवाने चल रहे हैं
दरिया की तन्हाई का तो सोचिये
साथ जिसके दो किनारे चल रहे हैं
तुमको क्या लगता है तन्हा चल रहा हूँ
साथ मेरे चाँद तारे चल रहे हैं
रक़ीब आकर बताते हैं यहाँ तिल है वहाँ तिल है
हमें ये जानकारी थी मियाँ पहले बहुत पहले
यही अपनी कहानी थी, मियाँ पहले बहुत पहले
वह लड़की जाँ हमारी थी, मियाँ पहले बहुत पहले
वहम मुझको ये भाता है,अभी मेरी दिवानी है
मगर मेरी दिवानी थी, मियाँ पहले बहुत पहले
रक़ीब आकर बताते हैं यहाँ तिल है, वहाँ तिल है
हमें ये जानकारी थी मियाँ पहले, बहुत पहले
अदब से मांग कर माफ़ी भरी महफ़िल ये कहता हूँ
वो लड़की ख़ानदानी थी, मियाँ पहले बहुत पहले
ख़ामोशी से उसकी बस झगड़ा हुआ
हर अँधेरा रूह का उजला हुआ
धूप ने साये खरोंचे इस क़दर
ज़िन्दगी का रंग चितकबरा हुआ
यार ये तुकबंदियाँ क्यों कर भला
शायरी करते थे उसका क्या हुआ
बदहवासी दूर तक फैली हुई
मैं कि बच्चा भीड़ में खोया हुआ
वो यक़ीनन आ गए हैं लौट कर
वर्ना कैसे शहर सतरंगा हुआ
ख्वाब तुम्हारे आते हैं इतराते हैं
हम जब जब सो जाते हैं इतराते हैं
उस पर मरने वाले जितने लड़के हैं
मुझसे मिलने आते हैं इतराते हैं
सरकारी दफ्तर में बेटा नौकर है
पापा मिलकर आते हैं इतराते हैं
हम तो खामोशी में डूबे हैं लेकिन
ज़ख़्म हमारे गाते हैं इतराते हैं
मैं ऐसा ग़ुमनाम हुआ हूँ लोग मुझे
मेरा शेर सुनाते हैं इतराते हैं
अगर तू बेवफ़ा है ध्यान रखना
मुझे सब कुछ पता है ध्यान रखना
बिछड़ते वक़्त हमने कह दिया था
हमारा दिल दुखा है ध्यान रखना
ख़ुदा जिसकी मोहब्बत में बनी हो
वो कइयों का ख़ुदा है ध्यान रखना
जिसे तुम दोस्त केवल जानती हो
वो तुमको चाहता है ध्यान रखना
चुप रहते हैं चुप रहने दो राज़ बताओ खोले क्या
बात वफ़ा की तुम करती हो बोलो हम कुछ बोले क्या
उल्फ़त तो अफ़साना है तुम करती खूब सियासत हो
हम भी हैं मक़बूल बहुत अब बोल किसी के होलें क्या