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Mazhab Shayari
यहीं तक इस शिकायत को न समझो
ख़ुदा तक जाएगा झगड़ा हमारा
Shariq Kaifi
20
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इस आ
समाँ को मुझ से है क्या दुश्मनी "अली"?
भेजूँ अगर दुआ भी तो सर पर लगे मुझे
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Ali Rumi
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कभी अल्लाह मियाँ पूछेंगे तब उन को बताएँगे
किसी को क्यूँ बताएँ हम इबादत क्यूँ नहीं करते
Farhat Ehsaas
18
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जब बुलंदी का गुमाँ था तो नहीं याद आई
अपनी परवाज़ से टूटे तो ज़मीं याद आई
वही आँखें कि जो ईमान-शिकन आँखें हैं
उन्हीं आँखों की हमें दावत-ए-दीं याद आई
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Subhan Asad
17
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जो दिल रखते हैं सीने में वो काफ़िर हो नहीं सकते
मोहब्बत दीन होती है वफ़ा ईमान होती है
Arzoo Lakhnavi
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गली हर इक मोहब्बत की अँधेरी हो नहीं सकती
सिवा मज़हब के मजबूरी तो तेरी हो नहीं सकती
किया था इश्क़ मैं ने जब तभी ये जानता था मैं
तू लड़की है 'अलीगढ़' की तू मेरी हो नहीं सकती
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Shashank Shekhar Pathak
15
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फ़क़त ये सोच कर मुँह को कलेजा आ रहा है
हमारे इश्क़ को मज़हब का कीड़ा खा रहा है
Shajar Abbas
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अगर मुलातफ़त का नाम दीन है
बशर ख़ुदा से ना डरे ख़ुदा करे
Kaif Uddin Khan
13
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दो ही मज़हब हैं दुनिया-ए-फ़ानी में बस
मज़हब-ए-रूह या मज़हब-ए-नफ़्स है
A R Sahil "Aleeg"
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मिटा दीं फ़ोन से सब यादें उस की
बस अब दिल से भुलाना रह गया है
Shajar Abbas
11
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अदालत का ये चेहरा तो नहीं था
यहाँ पे ज़ुल्म गहरा तो नहीं था
सभी को थी मोहब्बत मज़हबों से
किसी मज़हब को ढाया तो नहीं था
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Meem Alif Shaz
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भूखे को तू जल पान कराया कर
मज़हब से ऊपर भी उठ जाया कर
मैं मन्दिर जाता हूँ तेरे ख़ातिर
तू भी मस्जिद में नीर चढ़ाया कर
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Vijay Potter Singhadiya
9
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ज़िंदा रखने को ख़्वाहिशें उन की
दफ़्न सब अपनी हसरतें कर दीं
Wasif Quazi
8
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बँटे मुल्क मज़हब के ही वास्ते
बहा ख़ूँ सभी का जो मर कट गया
Saurabh Yadav Kaalikhh
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है दीन तिरा अब क्या 'रौशन'
टोपी क़श्क़ा हाए हाए
Raushan miyaa'n
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छोड़ दीं सारी मनमानियाँ
अब तो मैं बस सही चुनता हूँ
शाम ढलते ही सो जाता हूँ
अब मैं सपने नहीं बुनता हूँ
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Yaduvanshi Abhishek
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बे-वफ़ा से इश्क़ करने का नतीजा ये हुआ
दीन और दुनिया हुए बर्बाद दोनों ही मेरे
A R Sahil "Aleeg"
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मज़हब पर आ जाए बात तो बस्ती जलती है
रेप अगर हो तो सिर्फ़ मोमबत्ती जलती है
Jagveer Singh
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छान डालीं सब ही धर्मों की किताबें
अब न वाक़िफ़ कौन मज़हब के रहे हम
Kabiir
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जान भी वार दी जान लो
मुश्किलें कर दीं आसान लो
Amit Rajvanshi 'Guru'
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Religion Shayari Collection
Faith Shayari
Khuda Shayari
Insaan Shayari
Sach Shayari
Peace Shayari