Farhat Ehsaas

Farhat Ehsaas

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Farhat Ehsaas shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Farhat Ehsaas's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
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  • Nazm

मिला है अब के इक ऐसा पढ़ा लिखा महबूब
जो मेरे दिल के बराबर दिमाग़ रखता है

Farhat Ehsaas
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पूरी तरह से अब के तय्यार हो के निकले
हम चारागर से मिलने बीमार हो के निकले

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ठोकरें खा के सँभलना नहीं आता है मुझे
चल मिरे साथ कि चलना नहीं आता है मुझे

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सुखा ली सबने ही आँखे हवा ए ज़िन्दगी से
यहां अब भी वही रोना रुलाना चल रहा है

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वो अक़्ल-मंद कभी जोश में नहीं आता
गले तो लगता है आग़ोश में नहीं आता

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चाँद भी हैरान दरिया भी परेशानी में है
अक्स किस का है कि इतनी रौशनी पानी में है

Farhat Ehsaas
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बस मोहब्बत बस मोहब्बत बस मोहब्बत जान-ए- मन
बाक़ी सब जज़्बात का इज़हार कम कर दीजिए

Farhat Ehsaas
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किसी कली किसी गुल में किसी चमन में नहीं
वो रंग है ही नहीं जो तिरे बदन में नहीं

Farhat Ehsaas
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सख़्त सर्दी में ठिठुरती है बहुत रूह मिरी
जिस्म-ए-यार आ कि बेचारी को सहारा मिल जाए

Farhat Ehsaas
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कहानी ख़त्म हुई तब मुझे ख़याल आया
तेरे सिवा भी तो किरदार थे कहानी में

Farhat Ehsaas
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इक रात वो गया था जहाँ बात रोक के
अब तक रुका हुआ हूँ वहीं रात रोक के

Farhat Ehsaas
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क्या बैठ जाएँ आन के नज़दीक आप के
बस रात काटनी है हमें आग ताप के

कहिए तो आप को भी पहन कर मैं देख लूँ
मा'शूक़ यूँ तो हैं ही नहीं मेरी नाप के

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तमाम शहर की ख़ातिर चमन से आते हैं
हमारे फूल किसी के बदन से आते हैं

Farhat Ehsaas
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ऊपर उठती हुई एक गर्म हवा है मिरा दर्द
मेरा लहजा कभी फ़रियाद नहीं हो सकता

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उस वक़्त पढ़ो जब मैं लफ़्ज़ों में नहीं होता
उस वक़्त मेरे मानी आसान निकलते हैं

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वो चाँद कह के गया था कि आज निकलेगा
तो इंतिज़ार में बैठा हुआ हूँ शाम से मैं

Farhat Ehsaas
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कभी अल्लाह मियाँ पूछेंगे तब उनको बताएँगे
किसी को क्यों बताएँ हम इबादत क्यों नहीं करते

Farhat Ehsaas
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ये शहर वो है कि कोई ख़ुशी तो क्या देता
किसी ने दिल भी दुखाया नहीं बहुत दिन से

Farhat Ehsaas
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घास की तरह पड़े हैं हम लोग
न बुलंदी है न गहराई है

Farhat Ehsaas
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ईद ख़ुशियों का दिन सही लेकिन
इक उदासी भी साथ लाती है

ज़ख़्म उभरते हैं जाने कब कब के
जाने किस किस की याद आती है

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