@raushan-miyaan
Raushan miyaa'n shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Raushan miyaa'n's shayari and don't forget to save your favorite ones.
Followers
3
Content
79
Likes
7
तुम अलग हो यार उन सब बाक़ियों से
इश्क़ तुम से है था मतलब बाक़ियों से
तेरे दीवाने का आशिक़ का तिरे यूँ
मुख़्तलिफ़ क्यूँ फ़ैसला रब बाक़ियों से
इक लड़की के चक्कर में मिरी रातें काली होती थी
फ़ीलिंग सच्ची होती थी बस चैटिंग जाली होती थी
पहन हिजाब कहूँ क्या हिजाब में लागे
हिसाब आग लगे फिर किताब में लागे
बदल गई है तिरी चाल क्या हुआ था शब
पिघल गया था लगे शेर ख़्वाब में लागे
तुझे देख कर यार क्या होता है
पता है तुझे सब पता होता है
बहुत ख़ूब है ये तरीक़ा मगर
परेशान करना बुरा होता है
रौशन आग़ाज़-ए-इश्क़ है ये इक तरफ़ा चाहत होगी ही
महबूब अगर अच्छा है तो खोने की दहशत होगी ही
इस बे-ग़ैरत दुनिया में इक मुफ़्लिस उम्मीद लगा बैठा
हो देर भले साहिब लेकिन अल्लाह की रहमत होगी ही