Shajar Abbas

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@ShajarAbbas8

Shajar Abbas shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Shajar Abbas's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm

उज़्न में कौकब को पहने माह पर टाके क़मर
उसको कहना सब ये उसके ज़ेवरात-ए-हुस्न हैं

Shajar Abbas

यक़ीं है हम भी किसी रोज़ तुझ पे शहर-ए-सुख़न
जनाब-ए-मीर की मानिंद ग़ालिब आएँगे

Shajar Abbas

दिल में तेरे अगर है हुब्ब-ए-वतन
जश्न-ए-जमहूरियत में शामिल हो

Shajar Abbas

छीन ली है मुझसे तेरे हिज्र ने दानिशवरी
अब मैं ख़ुद से पूछता हूँ आख़िरश मैं कौन हूँ

Shajar Abbas

शाख़-ए-शजर पे गुल के बदन चाक हो गए
इस मौसम-ए-ख़िज़ाँ में चमन ख़ाक हो गए

सदमे गुज़र रहे हैं दिल-ए-बाग़बान पर
मंज़र जो ख़ुश-नुमा थे वो ग़म-नाक हो गए

Shajar Abbas

अहल-ए-नज़र दें मिल के मिरे हौसले की दाद
परवाज़ कर रहा हूँ बिना बाल-ओ-पर के मैं

Shajar Abbas

वक़्त-ए-मुश्किल में हूँ इमदाद करो कुछ मेरी
उम्र भर आप का एहसान नहीं भूलूँगा

Shajar Abbas

ज़ीस्त जब मौत की आग़ोश में सो जाएगी
हर हक़ीक़त मिरी इक वाक़िआ हो जाएगी

Shajar Abbas

दिल-ए-नादाँ इसे तस्लीम कर ले
ग़म-ए-हस्ती रफ़ीक़-ए-ज़िंदगी है

Shajar Abbas

हाँ हमीं हैं वो बद-नसीब शजर
जिसका कोई नहीं रफ़ीक़-ए-सफ़र

Shajar Abbas

मुसलसल सोचते हैं हम-सफ़र में
तलाश-ए-हम-सफ़र कब पूरी होगी

Shajar Abbas

बाँटने ग़म कोई नहीं आया
हज़ उठाने हज़ार आए हैं

Shajar Abbas

आपको हम कलाम करना है
अपना क़िस्सा तमाम करना है

हमने सोचा है अब मुहब्बत में
क़ैस के जैसा नाम करना है

Shajar Abbas

सोचते हैं कि नेक काम करें
आपका दिल से एहतिराम करें

तुमको अपने गले लगाएँ शजर
ज़िंदगानी तुम्हारे नाम करें

Shajar Abbas

रौनक़-ए-शहर-ए-सुख़न ताज़ा सुख़न-दान हैं हम
मीर-ओ-ग़ालिब की तरह साहिब-ए-दीवान हैं हम

Shajar Abbas

आतिश-ए-शौक़ यूँ निराले हैं
हम अलग ही मिज़ाज वाले हैं

अक़रिबा दोस्तों की सूरत में
साँप ख़ुद आस्तीं में पाले हैं

Shajar Abbas

ख़ुद बे-वफ़ाई कर के सितमगर ने इश्क़ में
इल्ज़ाम-ए-बे-वफ़ाई मिरे सर पे रख दिया

Shajar Abbas

ऐबों से जिनका सारा गिरेबान चाक है
तोहमत लगा रहे हैं वो किरदार पर मेरे

Shajar Abbas

मेरे हबीब दहर में तेरा मिरा विसाल
ख़ालिक़ का इंतिख़ाब है या इत्तिफ़ाक़ है

Shajar Abbas

तफ़तीश-ए-क़त्ल करने से कुछ फ़ायदा नहीं
क़ातिल हमारे अपने ही कुछ रिश्तेदार हैं

Shajar Abbas

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