0
  • Search
  • Shayari
  • Writers
  • Events
  • Blog
  • Store
  • Leaderboard
  • Login
0
HomeExplore
Submit
LibraryProfile
Yusha Abbas 'Amr'

Top 10 of Yusha Abbas 'Amr'

Yusha Abbas 'Amr'

Top 10 of Yusha Abbas 'Amr'

    ये दिल फिर टूटता है इत्तिफ़ाक़न
    मुझे तू फिर मिला है इत्तिफ़ाक़न

    क़सम तेरी मैं पत्थर बन चुका हूँ
    ये ऑंसू गिर रहा है इत्तिफ़ाक़न

    निगूँ रहता था जो पहलू में तेरे
    वो सर अब कट चुका है इत्तिफ़ाक़न

    जो आया बा'द तेरे उस का चेहरा
    तिरे चेहरे ही सा है इत्तिफ़ाक़न

    तुझे मुझ से भी बदतर मिल गया है
    ये मेरी बद-दुआ है इत्तिफ़ाक़न

    मुझे हर जानलेवा हादसे में
    तिरा चेहरा दिखा है इत्तिफ़ाक़न

    बिल-आख़िर आज उस खाई किनारे
    तिरा बेटा खड़ा है इत्तिफ़ाक़न

    पुराना था हवा से गिर पड़ा था
    नया पंखा लगा है इत्तिफ़ाक़न

    इमरजेंसी के ख़ाने में अभी तक
    तिरा नंबर लिखा है इत्तिफ़ाक़न

    था वा'दा तो न मुॅंह लगने का यूशा
    अचानक लब हिला है इत्तिफ़ाक़न
    Read Full
    Yusha Abbas 'Amr'
    10
    1 Like
    वो निडर बे-सिपर गया होगा
    या'नी अब तक वो मर गया होगा

    ज़हर जो अब उतर गया होगा
    वो कलेजा कुतर गया होगा

    जिस ने मेरा हर एक ज़ख़्म सिया
    मेरे ख़ूॅं में वो तर गया होगा

    कई तूफ़ान चीरने के बा'द
    वो परिंदा ठहर गया होगा

    होंठ से ख़ूॅं निकल ही जाता पर
    आज जी उस का भर गया होगा

    अम्र तो दो जहाॅं का बासी था
    दो जहाॅं में बिखर गया होगा
    Read Full
    Yusha Abbas 'Amr'
    9
    0 Likes
    नाम पे तेरे मुझे मारा गया ये क्या ख़ुदा
    ये मिला मुझ को इबादत का सिला ये क्या ख़ुदा

    सम्त उस की आ रहे था तीर जो मैं खा गया
    आख़िरश मैं तेग़ से उस की मरा ये क्या ख़ुदा

    इक तरफ़ कुछ गर्म सा लगता है बिस्तर आज भी
    जो की सोता था उधर वो तो गया ये क्या ख़ुदा

    एक पल को इक हॅंसी सी छूटती है और फिर
    बस वहीं पर हो मैं जाता चुप खड़ा ये क्या ख़ुदा

    मैं उसे जकड़े हुए था और वो कहती गई
    कर रहीं हूँ वापसी सू-ए-ख़ुदा ये क्या ख़ुदा

    ख़ूॅं पसीने से ख़रीदी एक गाड़ी और उधर
    मेरे बचपन का वो झूला जल गया ये क्या ख़ुदा

    अब से पहले भी तो रसमन ये इबादत की गई
    आज कैसे ये मिरा ऑंसू बहा ये क्या ख़ुदा

    मैं सरापा प्यार था ख़ुशवार था हुश्यार था
    मैं अचानक शा'इरी करने लगा ये क्या ख़ुदा
    Read Full
    Yusha Abbas 'Amr'
    8
    0 Likes
    अक्स जब तेरा मुझे उस
    में मिला तो हॅंस दिया मैं
    ग़ौर से देखा जो मैं ने आइना तो हॅंस दिया मैं

    तोहमतें सब झेलता था लैला मजनूॅं खेलता था
    एक पत्थर जब मेरे सर पे पड़ा तो हॅंस दिया मैं

    मौत मुझ तक आ रही थी नूर सा इक छा रहा था
    नूर के पीछे तिरा चेहरा दिखा तो हॅंस दिया मैं

    मेरी साॅंसों की रवानी आख़िरी मंज़िल पे पहुॅंची
    इंतिहा पे फिर मिली इक इब्तिदा तो हॅंस दिया मैं

    मैं खड़ा शमशान में ताज़ा यतीमी चख रहा था
    उस चिता में मैं जो लड़का सा दिखा तो हॅंस दिया में

    रात दिन सींचा जिसे था मैं ने अपने आँसुओं से
    है अजब वो जब हुआ मुझ से जुदा तो हॅंस दिया मैं

    हर तरफ़ अफ़सुरदगी थी हादसे थे बेकली थी
    जो न दूजा रास्ता कोई दिखा तो हॅंस दिया मैं

    हर सिपर को तोड़ता था मैं मुक़द्दर मोड़ता था
    वार से अपने ही मैं जब ख़ुद गिरा तो हॅंस दिया मैं

    मैं तो यूशा रो रहा था एक जमघट हॅंस रहा था
    हाॅं मगर जब वो भी मुझ पे हॅंस पड़ा तो हॅंस दिया मैं
    Read Full
    Yusha Abbas 'Amr'
    7
    0 Likes
    बस बयाबाॅं थे और वहशत थी
    शायद अल्लाह को नदामत थी

    पहले आदम के और आदम बा'द
    न अभी है न आदमीयत थी

    अब ये जी दौड़ भाग माॅंगता है
    पहले पहले मुझे भी फ़ुर्सत थी

    आज जिस आसमाँ में तैरते हो
    कभी मेरी वहाँ भी शिरकत थी

    क्या कहोगी अगर कभी मैं कहूँ
    तुम से पहले भी इक मोहब्बत थी

    जब गिरे ही तो कर लिया सजदा
    कुछ इसी हाल में इबादत थी

    नहीं तुम में तो कोई नुक़्स न था
    मुझे ख़ुदस ही कुछ शिकायत थी

    आज चुप हो तो कल को चीख़ोगे
    कुछ न कहना मेरी भी आदत थी

    उस की रहमत कि तब मिला मुझ को
    जब ख़ुदा की बड़ी ज़रूरत थी

    बैठे जब ऐरोप्लेन में यूशा
    जेब में साइकिल की क़ीमत थी
    Read Full
    Yusha Abbas 'Amr'
    6
    0 Likes
    बात अब हर किसी से करता हूँ
    मुझे डर है कि मैं अकेला हूँ

    आज कल वक़्त यूँॅं गुज़रता है
    ध्यान दे कर घड़ी को सुनता हूँ

    बात बिगड़ेगी साथ रहने से
    तुम अकेले हो और मैं तन्हा हूँ

    आज की रात है क़यामत की
    चाॅंद पूरा है और मैं आधा हूँ

    आप के अश्क कारोबार मिरा
    आप के मोतियों को चुनता हूँ

    ये हुनर अपनी माॅं से सीखा है
    दर्द लेता हूँ प्यार देता हूँ

    बात जो मुझ को मार डालेगी
    वही कहने को तो मैं ज़िंदा हूँ

    मैं अज़ल से हूँ डूबता सूरज
    शाम होने पे ही मैं दिखता हूँ

    कम से कम सामने मिरे रो लो
    मैं तो यूशा तुम्हारा अपना हूँ
    Read Full
    Yusha Abbas 'Amr'
    5
    0 Likes
    दिल ने आख़िर ये बात मानी है
    ज़िन्दगी मौत की कहानी है

    आँख फाड़े रहो मगर इक दिन
    नींद आनी है जान जानी है

    मुझ को होता है ये गुमाँ अक्सर
    थोड़ी बूढ़ी मेरी जवानी है

    दिल में कुछ हौसले नए हैं पर
    अपनी हालत वही पुरानी है

    आँधियाँ छत उड़ा गई मेरी
    और बरसात भी अब आनी है

    अपने गिरते मकाँ को ग़ौर से देख
    अब भी जम्हूरियत बचानी है

    'अम्र' सीनाज़नी का ख़ूगर हूँ
    नग़्मा-ख़्वानी भी नौहा-ख़्वानी है
    Read Full
    Yusha Abbas 'Amr'
    4
    0 Likes
    ख़ुद से बातें करता है
    मुझ
    में कोई मुझ सा है

    लोगों संग ही रहता हूँ
    ख़ुद से छुपना आता है

    इस बचकाने शाइ'र में
    इक संजीदा बच्चा है

    ग़ज़लें नाज़िल होती हैं
    कोई क्या ही कहता है

    फ़नकारों को उन का फ़न
    तोहफ़ा है या फंदा है

    ख़ुद को शाइ'र कहता है
    मुझ
    में भी इक 'यूशा' है
    Read Full
    Yusha Abbas 'Amr'
    3
    0 Likes
    कोई दुख ऐसा खा गया मुझ को
    शे'र कहना भी आ गया मुझ को

    मैं बला की बुलंद इमारत था
    एक कंकड़ ही ढा गया मुझ को

    जब उसे मुझ से हो गई नफ़रत
    ठीक तब ही वो भा गया मुझ को

    पहली बाज़ी उसी ने खेली थी
    तो वही शख़्स पा गया मुझ को

    नज़्म कोई मुझे ही पढ़ बैठी
    कोई गीत 'अम्र' गा गया मुझ को
    Read Full
    Yusha Abbas 'Amr'
    2
    0 Likes
    शोख़ी-ए-गुल में था गॅंवाया होश
    एक काॅंटा चुभा तो आया होश

    हर सितम मेरे सामने ही हुआ
    मैं ने सब जान के दबाया होश

    मजनूॅं पागल न था सयाना था
    उस ने हर एक से छुपाया होश

    तुझ को देखा तो सारे होश उड़े
    जाने कैसे था फिर जताया होश

    मैं गिरा फिर खड़ा हुआ चीख़ा
    मैं था बेहोश पर दिखाया होश

    मैं ने दिन भर बुलंद रक्खी ख़ुदी
    मैं ने हर शाम है लुटाया होश

    बेख़ुदी थी बदन में ताब न थी
    उस से मिलने को पर जुटाया होश

    अम्र ख़ुद-रफ़्तगी में जीते थे
    इल्म से फ़िक्र से कमाया होश
    Read Full
    Yusha Abbas 'Amr'
    1
    2 Likes
Mukesh Guniwal "MAhir"Mukesh Guniwal "MAhir"Shobhit DixitShobhit DixitJatin shuklaJatin shuklaShubham TiwariShubham TiwariAkash Gagan AnjaanAkash Gagan AnjaanShadan Ahsan MarehrviShadan Ahsan MarehrviSanjay BhatSanjay BhatNaviii dar b darNaviii dar b darVaseem 'Haidar'Vaseem 'Haidar'SZUBAIR KHAN KHANSZUBAIR KHAN KHAN