ये दिल फिर टूटता है इत्तिफ़ाक़न
मुझे तू फिर मिला है इत्तिफ़ाक़न
मुझे तू फिर मिला है इत्तिफ़ाक़न
क़सम तेरी मैं पत्थर बन चुका हूँ
ये ऑंसू गिर रहा है इत्तिफ़ाक़न
निगूँ रहता था जो पहलू में तेरे
वो सर अब कट चुका है इत्तिफ़ाक़न
जो आया बा'द तेरे उस का चेहरा
तिरे चेहरे ही सा है इत्तिफ़ाक़न
तुझे मुझ से भी बदतर मिल गया है
ये मेरी बद-दुआ है इत्तिफ़ाक़न
मुझे हर जानलेवा हादसे में
तिरा चेहरा दिखा है इत्तिफ़ाक़न
बिल-आख़िर आज उस खाई किनारे
तिरा बेटा खड़ा है इत्तिफ़ाक़न
पुराना था हवा से गिर पड़ा था
नया पंखा लगा है इत्तिफ़ाक़न
इमरजेंसी के ख़ाने में अभी तक
तिरा नंबर लिखा है इत्तिफ़ाक़न
था वा'दा तो न मुॅंह लगने का यूशा
अचानक लब हिला है इत्तिफ़ाक़न
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दिल ने आख़िर ये बात मानी है
ज़िन्दगी मौत की कहानी है
ज़िन्दगी मौत की कहानी है
आँख फाड़े रहो मगर इक दिन
नींद आनी है जान जानी है
मुझ को होता है ये गुमाँ अक्सर
थोड़ी बूढ़ी मेरी जवानी है
दिल में कुछ हौसले नए हैं पर
अपनी हालत वही पुरानी है
आँधियाँ छत उड़ा गई मेरी
और बरसात भी अब आनी है
अपने गिरते मकाँ को ग़ौर से देख
अब भी जम्हूरियत बचानी है
'अम्र' सीनाज़नी का ख़ूगर हूँ
नग़्मा-ख़्वानी भी नौहा-ख़्वानी है
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