किसी से नाम तो जोड़े उदासी

कहीं तो ले चले छोड़े उदासी

बनाया दोस्त था बस सोच कर ये
रहेगी उम्र भर थोड़े उदासी

रखा ये फ़ैसला हम ने इसी पर
चलेंगे जिस तरफ़ मोड़े उदासी

किसी से फ़ासला रखना पड़ा था
बनाती राह में रोड़े उदासी

हमेशा साथ रखते हैं इसे सो
खिलाएगी कहीं कोड़े उदासी

मुझे तो डर फ़क़त इस बात का है
न मेरा साथ अब छोड़े उदासी

— Vikas Sahaj

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