Vikas Sahaj

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@vikassahaj

Vikas Sahaj shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Vikas Sahaj's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Shayari
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  • Sher
  • Ghazal

दुनिया मुझको पागल करने वाली थी
फिर मैंने कुछ शेर कहे और बच निकला

Vikas Sahaj

लोग खाते हैं तरस मुझ पे तो हैरत कैसी
अपनी हालत पे मुझे ख़ुद भी तरस आता है

Vikas Sahaj

उसकी निगाह-ए-नाज़ से आगे निकल गए
यानी फ़रेब-साज़ से आगे निकल गए

हम से भी रोक लेने की ज़हमत नहीं हुई
तुम भी हर इक लिहाज़ से आगे निकल गए

Vikas Sahaj

मैं तेरे पास वापस आ रहा हूँ
दुबारा भेजना मत इस धरा पर

Vikas Sahaj

दरगाहों पर चढ़ने हैं या मंदिर में
फूल नहीं खिलते हैं इस तैयारी से

Vikas Sahaj

जिस लड़की ने ख़्वाब दिखाए शादी के
पास वही लेकर आई बर्बादी के

फिर मैंने उन सब से रिश्ता तोड़ लिया
बीच में आए जो मेरी आज़ादी के

Vikas Sahaj

उसने गले से हमको लगाया तो रो पड़े
अपना बना के हाथ छुड़ाया तो रो पड़े

मैंने ग़मों से कह तो दिया रहना उम्र भर
वादा ग़मों ने अपना निभाया तो रो पड़े

Vikas Sahaj

अँधेरों में भले ही साथ छोड़ा था हमारा
मगर जब रौशनी लौटी तो साए लौट आए

Vikas Sahaj
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दुनिया जिसने जीती उसकी ख़ातिर भी
अब तक टेढ़ी खीर बनी है इक लड़की

Vikas Sahaj

ख़्वाबों की ताबीर बनी है इक लड़की
मेरे मन की हीर बनी है इक लड़की

दुनिया तुझ को कब का छोड़ चुके होते
पैरों की ज़ंजीर बनी है इक लड़की

Vikas Sahaj

किसी किसी को नसीब हैं ये उदासियाँ भी
किसी को ये भी बता न पाए उदास लड़के

Vikas Sahaj
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मरने वाले को कब ये मालूम हुआ है
पीछे मंज़र कितना दुखदाई होता है

Vikas Sahaj

सजा है प्रेम का उपवन तुम्हीं से
हमारी चाह है पावन तुम्हीं से

सभी में प्रेम देखें प्रेम चाहें
मिली है ये मुझे चितवन तुम्हीं से

Vikas Sahaj

मैं टाले जा रहा हूँ कल पे सब कुछ
नहीं हो आज मेरा जिससे ज़ाया

Vikas Sahaj
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उधारी सर से ऊपर बढ़ चुकी है
हमारी जान जोखिम में पड़ी है

हमीं अपमान सहकर जी रहे हैं
अना की लाश पंखे पर मिली है

Vikas Sahaj

खड़ी है देह की जब तक इमारत
बने रहना सदा आधार मोहन

Vikas Sahaj

किसी उम्मीद के मारे हुए हैं
अमाँ हम इश्क़ में हारे हुए हैं

अभी मुझसे उन्हें कुछ काम होगा
नहीं तो हम किसे प्यारे हुए हैं

Vikas Sahaj

अचानक छोड़ कर जाने से उसके
मेरी ग़ज़लें अधूरी रह गई हैं

Vikas Sahaj

सबसे अपनापन दिखलाने वाला मैं
अपने घर में ग़ैर हुआ हूँ जान लो तुम

Vikas Sahaj