Umair Najmi

Umair Najmi

@umair-najmi

Umair Najmi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Umair Najmi's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal

मैं बाल बाल बच गया हर बार इश्क़ से
सर के बहुत क़रीब से पत्थर गुज़र गए

Umair Najmi
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कोई हसीन बदन जिन की दस्तरस में नहीं
यही कहेंगे कि कुछ फ़ाएदा हवस में नहीं

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किसी गली में किराए पे घर लिया उसने
फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे

Umair Najmi
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मैं किस से पूछूँ ये रस्ता दुरुस्त है कि ग़लत
जहाँ से कोई गुज़रता नहीं वहाँ हूँ मैं

Umair Najmi
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नज़र में रखना कहीं कोई ग़म शनास गाहक
मुझे सुख़न बेचना है ख़र्चा निकालना है

Umair Najmi
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तुझे न आएँगी मुफ़्लिस की मुश्किलात समझ
मैं छोटे लोगों के घर का बड़ा हूॅं बात समझ

Umair Najmi
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भेज देता हूँ मगर पहले बता दूँ तुझ को
मुझ से मिलता नहीं कोई मिरी तस्वीर के बाद

Umair Najmi
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मैं चाहता था मुझसे बिछड़ कर वो ख़ुश रहे
लेकिन वो ख़ुश हुआ तो बड़ा दुख हुआ मुझे

Umair Najmi
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सब इंतज़ार में थे कब कोई ज़बान खुले
फिर उसके होंठ खुले और सबके कान खुले

Umair Najmi
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तुमने छोड़ा तो किसी और से टकराऊँगा मैं
कैसे मुमकिन है कि अंधे का कहीं सर न लगे

Umair Najmi
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यार तस्वीर में तन्हा हूँ मगर लोग मिले
कई तस्वीर से पहले कई तस्वीर के बा'द

Umair Najmi
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शब बसर करनी है, महफ़ूज़ ठिकाना है कोई
कोई जंगल है यहाँ पास में ? सहरा है कोई ?

Umair Najmi
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मैं ने मेहनत से हथेली पे लकीरें खींचीं
वो जिन्हें कातिब-ए-तक़दीर नहीं खींच सका

Umair Najmi
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मैं एक किरदार से बड़ा तंग हूँ क़लमकार
मुझे कहानी में डाल ग़ुस्सा निकालना है

Umair Najmi
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मेरे होंटों पे किसी लम्स की ख़्वाहिश है शदीद
ऐसा कुछ कर मुझे सिगरेट को जलाना न पड़े

Umair Najmi
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किताब-ए-इश्क़ में हर आह एक आयत है
पर आँसुओं को हुरूफ़‌‌‌‌-ए-मुक़त्तिआ'त समझ

Umair Najmi
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मेरा हाथ पकड़ ले पागल, जंगल है
जितना भी रौशन हो जंगल, जंगल है

Umair Najmi
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मुझे पहले पहल लगता था ज़ाती मस'अला है
मैं फिर समझा मोहब्बत क़ायनाती मस'अला है

परिंदे क़ैद हैं तुम चहचहाहट चाहते हो
तुम्हें तो अच्छा ख़ासा नफ़सयाती मस'अला है

Umair Najmi
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तू उसके दिल में जगह चाहता है यार जो शख़्स
किसी को देता नहीं अपने साथ वाली जगह

Umair Najmi
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं
लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं

नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है
मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं

Umair Najmi
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