@zubair-ali-tabish
Zubair Ali Tabish shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Zubair Ali Tabish's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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मुरली छूटी शंख बजा रास तजा फिर युद्ध सजा
क्या पीछे क्या आगे है सब कुछ राधे राधे है
अदाकार के कुछ भी बस का नहीं है
मोहब्बत है ये कोई ड्रामा नहीं है
जिसे तेरी आँखें बताती हैं रस्ता
वो राही कहीं भी पहुँचता नहीं है
हम इक ही लौ में जलाते रहे ग़ज़ल अपनी
नई हवा से बचाते रहे ग़ज़ल अपनी
दरअस्ल उसको फ़क़त चाय ख़त्म करनी थी
हम उसके कप को सुनाते रहे ग़ज़ल अपनी
तुम्हें इक मश्वरा दूँ सादगी से कह दो दिल की बात
बहुत तैयारियाँ करने में गाड़ी छूट जाती है
अब न निकलूँगा तेरी बाँहों से, अपनी हद में रहा करूँगा मैं
मेरे सीने में है मेरा उस्ताद इसने जो भी कहा करूँगा मैं
बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है
हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
सुहागन भी बता देगी मगर तुम पूछो विधवा से
ये मंगलसूत्र ज़ेवर के अलावा भी बहुत कुछ है
ये क्या इक मक़बरे को आख़री हद मान बैठे हो
मोहब्बत संग-ए-मरमर के अलावा भी बहुत कुछ है
भीगीं पलकें देख कर तू क्यूँ रुका है ख़ुश हूँ मैं
वो तो मेरी आँख में कुछ आ गया है ख़ुश हूँ मैं
वो किसी के साथ ख़ुश था कितने दुक्ख की बात थी
अब मेरे पहलू में आ कर रो रहा है ख़ुश हूँ मैं
वो किसी के साथ ख़ुश था कितने दुख की बात थी
अब मेरे पहलू में आ कर रो रहा है ख़ुश हूँ मैं
कोई काँटा कोई पत्थर नही है
तो फिर तू सीधे रस्ते पर नही है
मैं इस दुनिया के अंदर रह रहा हूँ
मग़र दुनिया मेरे अंदर नही है
भीगी पलकें देख कर तू क्यूँ रुका है ख़ुश हूँ मैं
वो तो मेरी आँख में कुछ आ गया है ख़ुश हूँ मैं
वो किसी के साथ ख़ुश था कितने दुःख की बात थी
अब मेरे पहलू में आकर रो रहा है ख़ुश हूँ मैं
ये कहते हो तिरे जाने से दिल को चैन आएगा
तो जाता हूँ, ख़ुदा हाफ़िज़! मगर तुम झूठ कहते हो
इश्क़ में ये दावा तो नईं है मैं ही अव्वल आऊँगा
लेकिन इतना कह सकता हूँ अच्छे नंबर लाऊँगा
प्यार दो बार थोड़ी होता है
हो तो फिर प्यार थोड़ी होता है
यही बेहतर है तुम उसे रोको
मुझसे इनकार थोड़ी होता है
ज़िक्र हर-सू बिखर गया उसका
कोई दीवाना मर गया उसका
उसने जी भर के मुझको चाहा था
और फिर जी ही भर गया उसका