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Zubair Ali Tabish

Top 10 of Zubair Ali Tabish

Zubair Ali Tabish

Top 10 of Zubair Ali Tabish

    बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है
    हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
    Zubair Ali Tabish
    10
    327 Likes
    वो दुल्हन बन के रुख़्सत हो गई है
    कहाँ तक कार का पीछा करोगे?
    Zubair Ali Tabish
    9
    117 Likes
    प्यार दो बार थोड़ी होता है
    हो तो फिर प्यार थोड़ी होता है

    यही बेहतर है तुम उसे रोको
    मुझ से इनकार थोड़ी होता है
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    Zubair Ali Tabish
    8
    138 Likes
    तुम्हें इक बात कहनी थी
    इजाज़त हो तो कह दूँ मैं

    ये भीगा भीगा सा मौसम
    ये तितली फूल और शबनम

    चमकते चाँद की बातें
    ये बूँदें और बरसातें

    ये काली रात का आँचल
    हवा में नाचते बादल

    धड़कते मौसमों का दिल
    महकती ख़ुश्बूओं का दिल
    ये सब जितने नज़ारे हैं
    कहो किस के इशारे हैं

    सभी बातें सुनी तुम ने
    फिर आँखें फेर लीं तुम ने

    मैं तब जा कर कहीं समझा
    कि तुम ने कुछ नहीं समझा
    मैं क़िस्सा मुख़्तसर कर के
    ज़रा नीची नज़र कर के
    ये कहता हूँ अभी तुम से
    मोहब्बत हो गई तुम से
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    Zubair Ali Tabish
    7
    119 Likes
    हाल न पूछो मोहन का
    सब कुछ राधे राधे है
    Zubair Ali Tabish
    6
    165 Likes
    कोरे काग़ज़ पर रो रहे हो तुम
    मैं तो समझा पढ़े लिखे हो तुम

    क्या कहा मुझ से दूर जाना है
    इस का मतलब है जा चुके हो तुम
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    Zubair Ali Tabish
    5
    114 Likes
    सितम ढाते हुए सोचा करोगे
    हमारे साथ तुम ऐसा करोगे?

    अँगूठी तो मुझे लौटा रहे हो
    अँगूठी के निशाँ का क्या करोगे?

    मैं तुम से अब झगड़ता भी नहीं हूँ
    तो क्या इस बात पर झगड़ा करोगे?

    मेरा दामन तुम्हीं था
    में हुए हो
    मेरा दामन तुम्हीं मैला करोगे

    बताओ वा'दा कर के आओगे ना?
    के पिछली बार के जैसा करोगे?

    वो दुल्हन बन के रुख़्सत हो गई है
    कहाँ तक कार का पीछा करोगे?

    मुझे बस यूँ ही तुम से पूछना था
    अगर मैं मर गया तो क्या करोगे?
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    Zubair Ali Tabish
    4
    140 Likes
    ख़ाली बैठे हो तो इक काम मेरा कर दो ना
    मुझ को अच्छा सा कोई ज़ख़्म अदा कर दो ना

    ध्यान से पंछियों को देते हो दाना पानी
    इतने अच्छे हो तो पिंजरे से रिहा कर दो ना

    जब क़रीब आ ही गए हो तो उदासी कैसी
    जब दिया दे ही रहे हो तो जला कर दो ना
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    Zubair Ali Tabish
    3
    103 Likes
    मैं क्या बताऊँ वो कितना क़रीब है मेरे
    मेरा ख़याल भी उस को सुनाई देता है

    वो जिस ने आँख अता की है देखने के लिए
    उसी को छोड़ के सब कुछ दिखाई देता है
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    Zubair Ali Tabish
    2
    84 Likes
    उस ने खिड़की से चाँद देखा था
    मैं ने खिड़की में चाँद देखा है
    Zubair Ali Tabish
    1
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Taimur HasanTaimur HasanAnand Narayan MullaAnand Narayan MullaShahzad AhmadShahzad AhmadShakeel BadayuniShakeel BadayuniAmmar IqbalAmmar IqbalAli ZaryounAli ZaryounShaheen AbbasShaheen AbbasSudarshan FakirSudarshan FakirAitbar SajidAitbar SajidMuneer NiyaziMuneer Niyazi