बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है
हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
प्यार दो बार थोड़ी होता है
हो तो फिर प्यार थोड़ी होता है
यही बेहतर है तुम उसे रोको
मुझसे इनकार थोड़ी होता है
तुम्हें इक बात कहनी थी
इजाज़त हो तो कह दूँ मैं
ये भीगा भीगा सा मौसम
ये तितली फूल और शबनम
चमकते चाँद की बातें
ये बूँदें और बरसातें
ये काली रात का आँचल
हवा में नाचते बादल
धड़कते मौसमों का दिल
महकती ख़ुश्बूओं का दिल
ये सब जितने नज़ारे हैं
कहो किस के इशारे हैं
सभी बातें सुनी तुम ने
फिर आँखें फेर लीं तुम ने
मैं तब जा कर कहीं समझा
कि तुम ने कुछ नहीं समझा
मैं क़िस्सा मुख़्तसर कर के
ज़रा नीची नज़र कर के
ये कहता हूँ अभी तुम से
मोहब्बत हो गई तुम से
कोरे कागज़ पर रो रहे हो तुम
मैं तो समझा पढ़े लिखे हो तुम
क्या कहा मुझसे दूर जाना है
इसका मतलब है जा चुके हो तुम
सितम ढाते हुए सोचा करोगे
हमारे साथ तुम ऐसा करोगे?
अँगूठी तो मुझे लौटा रहे हो
अँगूठी के निशाँ का क्या करोगे?
मैं तुमसे अब झगड़ता भी नहीं हूँ
तो क्या इस बात पर झगड़ा करोगे?
मेरा दामन तुम्हीं थामे हुए हो
मेरा दामन तुम्हीं मैला करोगे
बताओ वादा कर के आओगे ना?
के पिछली बार के जैसा करोगे?
वो दुल्हन बन के रुख़्सत हो गई है
कहाँ तक कार का पीछा करोगे?
मुझे बस यूँ ही तुमसे पूछना था
अगर मैं मर गया तो क्या करोगे?
खाली बैठे हो तो एक काम मेरा कर दो ना
मुझको अच्छा सा कोई जख्म अदा कर दो ना
ध्यान से पंछियो को देते हो दाना पानी
इतने अच्छे हो तो पिंजरे से रिहा कर दो ना
जब करीब आ ही गये हो तो उदासी कैसी
जब दीया दे ही रहे हो तो जला कर दो ना
मैं क्या बताऊँ वो कितना क़रीब है मेरे
मेरा ख़याल भी उसको सुनाई देता है
वो जिसने आँख अता की है देखने के लिए
उसी को छोड़ के सब कुछ दिखाई देता है