दिल उस की मोहब्बत में परेशान तो होगा
अब आग से खेलोगे तो नुक़सान तो होगा
वादे पे न आओगे तो तफ़्तीश तो होगी
कानून को तोड़ोगे तो चालान तो होगा
हम ने तो उसे एक अँगूठी भी नहीं दी
वो ताज-महल देख के हैरान तो होगा
— Shakeel Jamali
अब आग से खेलोगे तो नुक़सान तो होगा
वादे पे न आओगे तो तफ़्तीश तो होगी
कानून को तोड़ोगे तो चालान तो होगा
हम ने तो उसे एक अँगूठी भी नहीं दी
वो ताज-महल देख के हैरान तो होगा
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