Shakeel Jamali

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Shakeel Jamali shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Shakeel Jamali's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal

ख़ुदा का शुक्र अदा कर वो बेवफ़ा निकला
ख़ुशी मना कि तिरी जान की बहाली हुई

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किसी से छोटी सी एक उम्मीद बांध लीजिए
मोहब्बतों का अगर जनाज़ा निकालना है

Shakeel Jamali
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सफ़र से लौट जाना चाहता है
परिंदा आशियाना चाहता है

कोई स्कूल की घंटी बजा दे
ये बच्चा मुस्कुराना चाहता है

Shakeel Jamali
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मैं ने हाथों से बुझाई है दहकती हुई आग
अपने बच्चे के खिलौने को बचाने के लिए

Shakeel Jamali
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हो गई है मिरी उजड़ी हुई दुनिया आबाद
मैं उसे ढूँढ रहा हूँ ये बताने के लिए

Shakeel Jamali
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शदीद गर्मी में कैसे निकले वो फूल-चेहरा
सो अपने रस्ते में धूप दीवार हो रही है

Shakeel Jamali
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अपने ख़ून से इतनी तो उम्मीदें हैं
अपने बच्चे भीड़ से आगे निकलेंगे

Shakeel Jamali
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सियासत के चेहरे पे रौनक़ नहीं
ये औरत हमेशा की बीमार है

Shakeel Jamali
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ग़म के पीछे मारे मारे फिरना क्या
ये दौलत तो घर बैठे आ जाती है

Shakeel Jamali
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मसअला ख़त्म हुआ चाहता है
दिल बस अब ज़ख़्म नया चाहता है

Shakeel Jamali
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रिश्तों की दलदल से कैसे निकलेंगे
हर साज़िश के पीछे अपने निकलेंगे

Shakeel Jamali
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मौत को हम ने कभी कुछ नहीं समझा मगर आज
अपने बच्चों की तरफ़ देख के डर जाते हैं

Shakeel Jamali
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अगर हमारे ही दिल में ठिकाना चाहिए था
तो फिर तुझे ज़रा पहले बताना चाहिए था

Shakeel Jamali
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लोग कहते हैं कि इस खेल में सर जाते हैं
इश्क़ में इतना ख़सारा है तो घर जाते हैं

Shakeel Jamali
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कुछ लोग हैं जो झेल रहे हैं मुसीबतें
कुछ लोग हैं जो वक़्त से पहले बदल गए

Shakeel Jamali
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सब से पहले दिल के ख़ाली-पन को भरना
पैसा सारी उम्र कमाया जा सकता है

Shakeel Jamali
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उम्र का एक और साल गया
वक़्त फिर हम पे ख़ाक डाल गया

Shakeel Jamali
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अभी रौशन हुआ जाता है रस्ता
वो देखो एक औरत आ रही है

Shakeel Jamali
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सफ़र से लौट जाना चाहता है
परिंदा आशियाना चाहता है

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वो अपने खून से लिखने लगी है नाम मेरा
अब इस मज़ाक को संजीदगी से लेना है

Shakeel Jamali
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