मुझे न माँगती तो बोलती ख़ुदा दो मुझे
बचा लिया है गुनाह से तुम्हें दुआ दो मुझे
ये लोग देख रहें हैं मेरी चमक में तुम्हें
कहीं अकेले जलाना अभी बुझा दो मुझे
मुझे किसी से मुहब्बत नहीं तुम्हारे सिवा
तुम्हें किसी से मुहब्बत है तो बता दो मुझे
— Muzdum Khan
बचा लिया है गुनाह से तुम्हें दुआ दो मुझे
ये लोग देख रहें हैं मेरी चमक में तुम्हें
कहीं अकेले जलाना अभी बुझा दो मुझे
मुझे किसी से मुहब्बत नहीं तुम्हारे सिवा
तुम्हें किसी से मुहब्बत है तो बता दो मुझे
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