भुला पाना बहुत मुश्किल है सब कुछ याद रहता है
मोहब्बत करने वाला इस लिए बरबाद रहता है
न पूछो मुझ से लज़्ज़त ख़ानमाँ-बर्बाद रहने की
नशेमन सैकड़ों मैं ने बना कर फूँक डाले हैं
एक चेहरा मिरा दर्द-ए-दिल बन गया
ठीक था आदमी मुज़्महिल बन गया
इत्तिफ़ाक़न मैं गुज़रा था इक कूचे से
फिर गुज़रना ही वो मुस्तक़िल बन गया
तेरे बस में जो भी कुछ है वो सभी बर्बाद कर
मैंने जैसे की है वैसे ज़िंदगी बर्बाद कर
इस घड़ी दो काम कर सकता है तू हर हाल में
चूमना है चूम ले! या तीरगी बर्बाद कर
हसीं चेहरों की इक तादाद आएगी
मोहब्बत होके जब बर्बाद आएगी
चले जाओ मुझे तुम छोड़कर लेकिन
जहाँ जाओगे मेरी याद आएगी
मच्छरदानी ऑलआउट पे पैसे क्यों बरबाद करूँ
ख़ून तो उसने चूस लिया है मच्छर से अब डरना क्यूँ
न सहम कर न डर के छोड़ता है
हंस तालाब मर के छोड़ता है
वक़्त बर्बाद करने वालों को
वक़्त, बर्बाद कर के छोड़ता है
हमें ये इश्क़ उस से अब दुबारा तो नहीं होगा
मोहब्बत में हमें फिर से ख़सारा तो नहीं होगा
किया बर्बाद जी भर के मोहब्बत ने हमें 'अभिषेक'
मगर फिर भी मोहब्बत से किनारा तो नहीं होगा
सुब्ह और शाम सर्च करते हैं
है यही काम, सर्च करते हैं
हो के बर्बाद फिर भी गूगल पर
इश्क़ का नाम सर्च करते हैं
अब तो मिरे लिए वो इक शख़्स मर गया है
जो मेरी ज़िंदगी यूँ बर्बाद कर गया है
काफ़ी अजब रहा है ये खेल वक़्त का भी
दिल में उतरने वाला दिल से उतर गया है