यहाँ तुम देखना रुतबा हमारा
हमारी रेत है दरिया हमारा
किसी से कल पिताजी कह रहे थे
मुहब्बत खा गई लड़का हमारा
तअ'ल्लुक़ ख़त्म करने जा रही है
कहीं गिरवा न दे बच्चा हमारा
— Kushal Dauneria
हमारी रेत है दरिया हमारा
किसी से कल पिताजी कह रहे थे
मुहब्बत खा गई लड़का हमारा
तअ'ल्लुक़ ख़त्म करने जा रही है
कहीं गिरवा न दे बच्चा हमारा
Other ghazal from the same pen
Shers of best love shayari collection.
Voices in the same orbit
Poetry by feeling