@kushal-dauneria
Kushal Dauneria shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Kushal Dauneria's shayari and don't forget to save your favorite ones.
Followers
268
Content
39
Likes
1623
जँचने लगा है दर्द मुझे आपका दिया
बर्बाद करने वाले ने ही आसरा दिया
कल पहली बार लड़ने की हिम्मत नहीं हुई
मुझको किसी के प्यार ने बुजदिल बना दिया
सारे का सारा तो मेरा भी नहीं
और वो शख़्स बेवफ़ा भी नहीं
ग़ौर से देखने पे बोली है
शादी से पहले सोचना भी नहीं
चल गया होगा पता ये आपको
बेवफ़ा कहते हैं लड़के आपको
इक ज़रा से हुस्न पर इतनी अकड़
तू समझती क्या है अपने आपको
इशारा कर रहे हैं बाल ये बिखरे हुए क्या
तू मेरे पास आया है कहीं होते हुए क्या
ये इतना हँसने वाले इश्क़ में टूटे हुए लोग
तू इन से पूछना अंदर से भी अच्छे हुए क्या
ये वो क़बीला है जो हुस्न को ख़ुदा माने
यहाँ पे कौन तेरी बात का बुरा माने
इशारा कर दिया है आपकी तरफ़ मैंने
ये बच्चे पूछ रहे थे कि बेवफ़ा माने
हज़ारों मन्नतों पर भी कोई बोसा नहीं मिलता
किसी सूरत में उस कंजूस के बटुए नहीं खुलते
न जाने क्यूँ गले से लगने की हिम्मत नहीं होती
न जाने क्यूँ पिता के सामने बेटे नहीं खुलते
मैं उसके बाद सिर्फ़ इन्हीं कोशिशों में हूँ
गर्दन से उसके नाम का टैटू निकल सके
या'नी कि इश्क़ अपना मुकम्मल नहीं हुआ
गर मैं तुम्हारे हिज्र में पागल नहीं हुआ
वो शख़्स सालों बाद भी कितना हसीन है
वो रंग कैनवस पे कभी डल नहीं हुआ