कल शब लिबास उस ने जो पहना गुलाब का
ख़ुशबू गुलाब की कहीं चर्चा गुलाब का
देखी हसीन लोगों की औलाद भी हसीन
पौधे से उगता देखा है पौधा गुलाब का
मैं था गुलाब तोड़ने वालों के शहर से
और उस को चाहिए था बगीचा गुलाब का
सुनते हो आज टूट गया लाडले का दिल
अब उस के आगे ज़िक्र न करना गुलाब का
— Kushal Dauneria















