साज़ तैयार कर रहा हूँ मैं
और खबरदार कर रहा हूँ मैं
तुम को शायद बुरा लगे, लेकिन
देख के प्यार कर रहा हूँ मैं
हाँ! नहीं चाहिए ये ताज और तख़्त
साफ़ इनकार कर रहा हूँ मैं
कोई जा कर उसे बता तो दे
जिस का किरदार कर रहा हूँ मैं
आज से, ख़ुद को तेरी हालत से
दस्तबरदार कर रहा हूँ मैं
दो जहाँ मुझ को मिल रहे हैं, मगर
तुझ पर इसरार कर रहा हूँ मैं
— Ali Zaryoun















