प्यार में जिस्म को यकसर न मिटा जाने दे
क़ुर्बत-ए-लम्स को गाली ना बना जाने दे
तू जो हर रोज़ नए हुस्न पे मर जाता है
तू बताएगा मुझे इश्क़ है क्या'? जाने दे
चाय पीते हैं कहीं बैठ के दोनों भाई
जा चुकी है ना तो बस छोड़ चल आ जाने दे
— Ali Zaryoun
क़ुर्बत-ए-लम्स को गाली ना बना जाने दे
तू जो हर रोज़ नए हुस्न पे मर जाता है
तू बताएगा मुझे इश्क़ है क्या'? जाने दे
चाय पीते हैं कहीं बैठ के दोनों भाई
जा चुकी है ना तो बस छोड़ चल आ जाने दे
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