हालत ए हिज्र में हूँ यार मेरी सम्त न देख
तू न हो जाए गिरफ्तार, मेरी सम्त न देख
आस्तीन में जो छूपे सांप हैं उन को तो निकाल
अपने नुक़सान पर हर बार मेरी सम्त न देख
तुझ को जिस बात का 'ख़द्शा' है वो हो सकती है
ऐसे नश्शे में लगातार मेरी सम्त न देख
या कोई बात सुना या मुझे सीने से लगा
इस तरह बैठ कर बेकार मेरी सम्त न देख
तेरा यारों से नहीं जेब से याराना है
ऐ मोहब्बत के दुकाँदार मेरी सम्त न देख
— Ali Zaryoun















