चमकते दिन बहुत चालाक है शब जानती है
उसे पहले नहीं मालूम था अब जानती है
ये रिश्तेदार उस को इस लिए झुठला रहे हैं
वो रिश्ता माँगने वालों का मतलब जानती है
जो दुख उस ने सहे हैं उस की बेटी तो ना देखे
वो मां है और मां होने का मनसब जानती है
ये अगली रौ में बैठी मुझ से सर्वत सुनने वाली
मैं उस के वास्ते आया हूँ ये सब जानती हैं
— Ali Zaryoun















