जिन बातों को कहना मुश्किल होता है

उन बातों को सहना मुश्किल होता है

इस दुनिया में रह कर हम ने ये जाना
इस दुनिया में रहना मुश्किल होता है

जिस धारा में बहना सब से आसाँ हो
उस धारा में बहना मुश्किल होता है

उस के साथ हमें आसानी है कितनी
उस से ये भी कहना मुश्किल होता है

उस के ता'ने उस के ता'ने होते हैं
मुश्किल से भी सहना मुश्किल होता है

वो सब बातें जो तुम अक्सर कहती हो
उन बातों का सहना मुश्किल होता है

वो बातें जो कहने में आसान लगें
उन बातों का कहना मुश्किल होता है

माज़ी की यादें भी ऐसा सूरज हैं
जिस सूरज का गहना मुश्किल होता है

मैं अपनी दुनिया का ऐसा सूरज हूँ
जिस सूरज का गहना मुश्किल होता है

लगती है ये बहर बहुत आसान मगर
इस में ग़ज़लें कहना मुश्किल होता है

— Aalok Shrivastav

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Rahbar Shayari

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