आज फिर उस की तस्वीर देखी
अपने हाथों में ज़ंजीर देखी
आँख में उस की जलते उजाले
उस की पलकों पे तासीर देखी
ईद है और तुम याद आए
माँ के हाथों में फिर खीर देखी
— Kasim Memon
अपने हाथों में ज़ंजीर देखी
आँख में उस की जलते उजाले
उस की पलकों पे तासीर देखी
ईद है और तुम याद आए
माँ के हाथों में फिर खीर देखी
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