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Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'

Top 10 of Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'

Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'

Top 10 of Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'

    तभी वो बहस में जीती हुई है
    कि बस उस ने वकालत की हुई है

    सही है मशवरा पर आप रखिए
    कलाई आपने काटी हुई है

    बदलना तो मुझे बस वक़्त को है
    घड़ी तो ठीक से पहनी हुई है

    न बंजर देखी जाती है न ज़रख़ेज़
    ये जो हम ने ज़मीं छोड़ी हुई है

    मिटेंगी दूरियाँ कैसे कि हम ने
    ग़लत-फ़हमी भी तो पाली हुई है

    वो जो भी राय है नाकाम की इक
    वही हम ने नहीं मानी हुई है

    बस इक सूरत है ले दे के मेरे पास
    ये भी माँ ने मुझे बख़्शी हुई है
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    Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'
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    इक मुक़द्दर छीनने वाले का जल्वा देखता
    मैं हवा से जेब तक जाता वो सिक्का देखता

    ज़िन्दगी तू नक़्ल की मोहलत अगर देती मुझे
    मैं कसौटी पे तेरी धोखे का पर्चा देखता

    कुछ दिनों तक कोई पागल बैठता था दार पे
    जो हज़ारों मर्तबा सुनसान रस्ता देखता

    मैं उसे हर बार मेहमाँ बोलता था और वो
    मेज़बानी देखता था और कमरा देखता

    आसमाँ पे चाँद उस शब आ गया था बा'द में
    यार तू वो आख़िरी बादल तो छँटता देखता
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    Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'
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    जानता हूँ तेरी अब तलब कुछ नहीं
    मैं तेरा ख़्वाब था लेकिन अब कुछ नहीं

    जब ये बादल न थे यूँ समझता था मैं
    बस सितारे ही हैं और शब कुछ नहीं

    आप ही मुझ को रस्ते पे लाए थे और
    आप ही कह गए आगे अब कुछ नहीं

    वो अगर पूछ ले क्या हुआ है मुझे
    बोल देना उसे आप सब कुछ नहीं

    कुछ नया इस
    में 'रजनीश' क्या है बता
    जब परेशाँ है तू और सबब कुछ नहीं
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    Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'
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    मैं ने उस को लौ दिखाई और फिर
    वो चराग़ों को बुझा के आ गया
    Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'
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    लड़ तो लूँगा अँधेरे से मैं पर
    रौशनी आँख पे ही पड़ी है
    Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'
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    चल तेरे बस में नहीं तू याद आना छोड़ दे
    वैसे तेरे हक़ में होगा गर रुलाना छोड़ दे

    बात अबकी बार मेरे रूठने की थी मगर
    तुझ से ये किस ने कहा मुझ को मनाना छोड़ दे

    पास बैठो हाल पूछो और फिर साया करो
    आदमी जब छोटी-मोटी चोट खाना छोड़ दे

    मैं ने ही ग़मख़्वार से जब कोई दुख बाँटा नहीं
    फिर भला क्यूँ वो भी मेरा दिल दुखाना छोड़ दे

    सौंप दी है मुझ को जब तू ने मेरी ये ज़िन्दगी
    मेरी भी अब इल्तिजा है हक़ जताना छोड़ दे

    फिर तेरे उस दोस्त ने इक और को धोखा दिया
    कम से कम 'रजनीश' अब तो सर उठाना छोड़ दे
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    Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'
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    जब से उस ने बोल दिया मैं सहरा हूँ
    बाज़ू सौंप के घुटने टेक के बैठा हूँ

    मेरे यार के सर जंगल का साया है
    और मैं एक लकड़हारे का बेटा हूँ

    तेरे प्यार में यूँ कटते हैं दिन और रात
    रस्सी छोड़ के इक तलवार पे चलता हूँ

    दीवाने तो लौट गए क़िस्से देकर
    मुझ को तो जीना होगा मैं लिखता हूँ

    तुम इक दिन चुपके से दाख़िल हो जाना
    मैं इक दर हूँ और धी
    में से खुलता हूँ
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    Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'
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    थी यक़ीनन जग हँसाई हारने पर
    ये नहीं सोचा था पहले हम हँसेंगे
    Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'
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    हम सेफ़र के गुनाह भी अच्छे
    पाँव रस्तों में ही छिले होंगे
    Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'
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    आसमाँ पे चाँद उस शब आ गया था बा'द में
    यार तू वो आख़िरी बादल तो छटता देखता
    Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'
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Mohit SubranMohit SubranHrishita SinghHrishita SinghRaushan miyaa'nRaushan miyaa'nHarsh KumarHarsh KumarAbhi GurjarAbhi Gurjarshaan manralshaan manralSaqlain MushtaqueSaqlain MushtaqueYashvardhan Mishra 'Hind'Yashvardhan Mishra 'Hind'Mohd ArhamMohd ArhamNasir HayaatNasir Hayaat