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Lalit Mohan Joshi

Top 10 of Lalit Mohan Joshi

Lalit Mohan Joshi

Top 10 of Lalit Mohan Joshi

    ग़ालिब की बातें तुम ज़रा सी ही मगर दिल से सुनो
    है ज़िंदगी को कैसे ग़ज़लों में उतारा ये सुनो

    हर लफ़्ज़ अपने में ज़माने को बयाँ करता लिखा
    ग़ालिब ने ग़ालिब को लिखा कितने क़रीने से सुनो
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    Lalit Mohan Joshi
    10
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    बात को दिल में दबाए रखता हूँ
    ऐसे मैं ख़ुद को सताए रखता हूँ

    सब्ज़ क्यूँ करते हो ज़ख़्मों को मेरे
    जब उन्हें मैं ही छुपाए रखता हूँ

    ज़िंदगी की कश्ती यूँ चलती है अब
    राब्ता ग़म से बनाए रखता हूँ

    क्या तुम्हें मालूम हैं ख़ुद को फ़क़त
    उस के अबरू से बचाए रखता हूँ

    कर ली है फूलों ने मुझ से दूरियाँ
    चाँद को जबसे रिझाए रखता हूँ
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    Lalit Mohan Joshi
    9
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    डोल ये ईमान जाए हम नहीं हरगिज़
    रहते हैं हम अपने वादों पे अटल यारों
    Lalit Mohan Joshi
    8
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    आप हर शय में रहे मौजूद साईं
    दस दिशा आँखें रहे मौजूद साईं

    दर्द भी आता नहीं अब पास उस के
    जिस के हिस्से में रहे मौजूद साईं
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    Lalit Mohan Joshi
    7
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    ऐ ख़ुदा अब नींद आँखों को अता कर दे
    थक गया हूँ 'अफ़्व मेरी सब ख़ता कर दे

    मर गया बच्चा तो अंदर उस के शायद इक
    ऐ ख़ुदा बूढ़े को फिर से अब फ़ता कर दे
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    Lalit Mohan Joshi
    6
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    मुश्क आने मौत की मुझ को लगी
    इश्क़ दुनिया करने ही मुझ को लगी

    क्या कहूँ मैं ऐसी नादानी को अब
    प्यार में फिर छलने भी मुझ को लगी
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    Lalit Mohan Joshi
    5
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    दिल दुखाती बात है उस की यक़ीनन
    ख़ाक होना जात है उस की यक़ीनन

    मौत आएगी यहाँ सबकी सुनो पर
    इक यही तो मात है उस की यक़ीनन

    यार तोड़ा है मिरा दिल हर किसी ने
    देख ये सौग़ात है उस की यक़ीनन

    छाया है अब्र-ए-सियह अब अश्कों का फिर
    आँख से बरसात है उस की यक़ीनन

    इक परिंदा क़ैद हो रक्खा था यारो
    यार ये इंसात है उस की यक़ीनन
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    Lalit Mohan Joshi
    4
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    अमावस रात देखो पूनम सी दिखती
    यक़ीनन वो जगी होगी मेरी ख़ातिर
    Lalit Mohan Joshi
    3
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    रूह का जैसे मिलन होता ख़ुदा से है यहाँ
    वैसे बीमारी दुआ से ठीक होती हैं सभी
    Lalit Mohan Joshi
    2
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    ये नज़रें मेरी उस पर यार अब रुक सी गई हैं
    सो अब सीने में मेरे वो धड़कना चाहती हैं
    Lalit Mohan Joshi
    1
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