हम को शिकस्ता-हाल के दुख भोगने पड़े
या'नी तेरे विसाल के दुख भोगने पड़े
हर साल तुझ से दूरियाँ बढ़ती चली गईं
हम को हर एक साल के दुख भोगने पड़े
अपने जवाब पर हमें शर्मिंदगी हुई
लेकिन तिरे सवाल के दुख भोगने पड़े
पहले तो हम ने उस की बहुत देख-भाल की
फिर उस की देख-भाल के दुख भोगने पड़े
हर दुख के बा'द यूँ लगा ये दुख तो कुछ नहीं
सोचो कि क्या कमाल के दुख भोगने पड़े
— Vivek Bijnori















