कभी तो मिरी तू दवा दे
मुझे बस मोहब्बत जता दे
सबेरे नहीं हो रही है
अभी चाँद को तू रिहा दे
नहीं लौटना अब हमें है
सभी मोमबत्ती बुझा दे
छिपा क्या रहा है वो मुझ से
ज़रा आज इतना बता दे
नहीं जानते रास्ते हम
मुझे मय-कदे का पता दे
मुझे भूलने हैं ये चेहरे
मुझे आइना तू दिखा दे
यहाँ बस तुझे जो हैं आते
हमें भी हुनर वो सिखा दे
परेशान हूँ शोर से मैं
ज़रा गीत कोई सुना दे
— Vishesh asthana















