तेरे पीछे होगी दुनिया पागल बन

क्या बोला मैं ने कुछ समझा? पागल बन

सहरा में भी ढूँढ़ ले दरिया पागल बन
वरना मर जाएगा प्यासा पागल बन

आधा दाना आधा पागल नइँ नइँ नइँ
उस को पाना है तो पूरा पागल बन

दानाई दिखलाने से कुछ हासिल नहीं
पागल खाना है ये दुनिया पागल बन

देखें तुझ को लोग तो पागल हो जाएँ
इतना उम्दा इतना आला पागल बन

लोगों से डर लगता है तो घर में बैठ
जिगरा है तो मेरे जैसा पागल बन

— Varun Anand

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