अपनी आँखों में भर कर ले जाने हैं
मुझ को उस के आँसू काम में लाने है
देखो हम कोई वहशी नइँ दीवाने हैं
तुम से बटन खुलवाने नइँ लगवाने हैं
हम तुम इक दूजे की सीढ़ी है जानाँ
बाक़ी दुनिया तो साँपों के ख़ाने हैं
पाक़ीज़ा चीज़ों को पाक़ीज़ा लिखो
मत लिक्खो उस की आँखें मय-ख़ाने हैं
— Varun Anand















