बस इक उसी पे तो पूरी तरह अयाॅं हूँ मैं
वो कह रहा है मुझे रायगाॅं तो हाँ हूँ मैं
जिसे दिखाई दूँ मेरी तरफ़ इशारा करे
मुझे दिखाई नहीं दे रहा कहाॅं हूँ मैं
इधर-उधर से नमी का रिसाव रहता है
सड़क से नीचे बनाया गया मकाॅं हूँ मैं
किसी ने पूछा कि तुम कौन हो तो भूल गया
अभी किसी ने बताया तो था फ़लाॅं हूँ मैं
मैं ख़ुद को तुझ से मिटाऊॅंगा एहतियात के साथ
तू बस निशान लगा दे जहाॅं जहाॅं हूँ मैं
मैं किस से पूछूॅं ये रस्ता दुरुस्त है कि ग़लत
जहाॅं से कोई गुज़रता नहीं वहाॅं हूँ मैं
— Umair Najmi















