करने वाले कितनी बार नहीं करते
दोस्त कभी हम दो का चार नहीं करते
करने वाले राज दिलों पर करते हैं
मज़लूमों पर अत्याचार नहीं करते
एक अरसे से यार ख़फ़ा हो ऐसे तुम
काश कि हम तुम से तकरार नहीं करते
कौन ख़फ़ा होता है ऐसी बातों पर
चाहत में सब क्या क्या यार नहीं करते
दौलत देख के आने वाले तू भी जा
हम भी तुम से सच्चा प्यार नहीं करते
— Updesh 'Vidyarthi'















