उस के चाहने वालों का आज उस की गली में धरना है
यहीं पे रुक जाओ तो ठीक है आगे जाके मरना है
रूह किसी को सौंप आए हो तो ये जिस्म भी ले जाओ
वैसे भी मैं ने इस ख़ाली बोतल का क्या करना है
आँख से आँसू दिल से दर्द उमड़ आने पर हैरत क्या
मुझे पता था उस ने हर बर्तन का नूतन भरना है
— Tehzeeb Hafi















