नहीं आता किसी पर दिल हमारा
वही कश्ती वही साहिल हमारा
तेरे दर पर करेंगे नौकरी हम
तेरी गलियाँ हैं मुस्तक़बिल हमारा
कभी मिलता था कोई होटलों में
कभी भरता था कोई बिल हमारा
— Tehzeeb Hafi
वही कश्ती वही साहिल हमारा
तेरे दर पर करेंगे नौकरी हम
तेरी गलियाँ हैं मुस्तक़बिल हमारा
कभी मिलता था कोई होटलों में
कभी भरता था कोई बिल हमारा
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