मल्लाहों का ध्यान बटाकर दरिया चोरी कर लेना है,
क़तरा क़तरा कर के मैं ने सारा चोरी कर लेना है।
तुम उस को मजबूर किए रखना बातें करते रहने पर
इतनी देर में मैं ने उस का लहज़ा चोरी कर लेना है।
आज तो मैं अपनी तस्वीर को कमरे में ही भूल आया हूँ
लेकिन उस ने एक दिन मेरा बटुआ चोरी कर लेना है।
मेरे ख़ाक उड़ाने पर पाबन्दी आयत करने वालों
मैं ने कौन सा आप के शहर का रास्ता चोरी कर लेना है।
— Tehzeeb Hafi















