गोली ख़ाली अरसे बा'द
नींद निकाली अरसे बा'द
आप आए तो हम ने भी
चाय उबाली अरसे बा'द
हर अच्छे शाइ'र को क्यूँ
मिलती ताली अरसे बा'द
देखा उस को और बोला
मेरी वाली, अरसे बा'द
विदा किया तन्हाई को
कमरा ख़ाली अरसे बा'द
याद आई उस को मेरी
पहनी बाली अरसे बा'द
इक अरसे पूजा जिस को
देदी गाली अरसे बा'द
— Tanoj Dadhich















