अपनी ग़लती ख़ुद ही आ के बताई है
मतलब सीने पर इक गोली खाई है
ख़र्चे दस तरबूज़ बराबर हैं अपने
और कमाई? तो केवल इक राई है
हम जैसे तो ख़ाक उठाते हैं सबकी
और कोई है जिस ने ख़ाक उड़ाई है
हम ने टूटे दिल से अच्छे शे'र कहे
या'नी मलबे से बिल्डिंग बनवाई है
जिस के नखरे झेल नहीं पाता कोई
सबके घर में ऐसा एक जमाई है
— Tanoj Dadhich















