होना तो चाहिए उसे होती नहीं कभी
ये ज़िन्दगी तेरी हुई मेरी नहीं कभी
मुझ को मेरे रक़ीब से कोई गिला नहीं
रानी समझता है तुम्हें बीवी नहीं कभी
अक्सर हमारा वक़्त बुरा आया है मगर
ओरों से माँग कर घड़ी पहनी नहीं कभी
अंदर हमारे आग है कुछ कर दिखाने की
सर्दी हमारे जैसों को लगती नहीं कभी
अच्छी नहीं है इश्क़ की ये नौकरी 'तनोज'
इस
में तबादला है तरक़्क़ी नहीं कभी
— Tanoj Dadhich















