सुकून तुम से मेरा इत्मीनान तुम से है
हसीन शख़्स मेरा कुल जहान तुम से है
तुम्हारा लम्स मुझे बेशुमार करता है
मेरी निग़ाह है तुम से उड़ान तुम से है
मैं राज़-ए-इश्क़ बयाँ कर नहीं सकी अब तक
यही ख़बर है ज़मान-ओ-मकान तुम से है
कहीं मैं होश जो खो दूँ तो सामने आना
बिखर के देखा है मेरा धियान तुम से है
जो तुम नहीं तो करें किस पे बात हम 'तजदीद'
कि अपनी ख़ामुशी अपना बयान तुम से है
— Tajdeed Qaiser















