सोचती है कभी कभी दुनिया
रब पुराना है और नई दुनिया
मुझ को फिर से हसीन लगने लगी
उस ने इस तरह पेश की दुनिया
जब तलक तेरे ख़्वाब आते रहे
ख़ूब-सूरत बड़ी लगी दुनिया
तेरे हाथों से छू लिया महताब
तेरी आँखों से देख ली दुनिया
मुझ को अपनी समझ नहीं आती
और ऊपर से ये तेरी दुनिया
— Tajdeed Qaiser















