मुझ में कोई मुझ जैसा हो ऐसा भी हो सकता है

या फिर कोई और छुपा हो ऐसा भी हो सकता है

उस के हाथ में ग़ुब्बारे थे फिर भी बच्चा गुम-सुम था
वो ग़ुब्बारे बेच रहा हो ऐसा भी हो सकता है

एक रिसाला पढ़ते पढ़ते उस की आँखें भर आईं
उस में मेरा शे'र छपा हो ऐसा भी हो सकता है

अंबर भी नीला नीला है दरिया भी नीला नीला
उन दोनों ने ज़हर पिया हो ऐसा भी हो सकता है

सहरा में जब प्यास लगी तो मेरी वहशत ने सोचा
क़ैस ने ख़ुद का ख़ून पिया हो ऐसा भी हो सकता है

जिस की ख़ातिर बीच सफ़र में उस ने मुझ को छोड़ा था
वो भी उस को छोड़ गया हो ऐसा भी हो सकता है

— Syed Sarosh Asif

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