मैं अच्छा इंसान नहीं हूँ
हाँ लेकिन हैवान नहीं हूँ
बस मतले से बूझ सको तुम
इतना भी आसान नहीं हूँ
जिस को तू भर देगा आके
मैं वो ख़ाली स्थान नहीं हूँ
तू है मेरी जान,भला फिर
मैं क्यूँ तेरी जान नहीं हूँ
देख ज़रा कितना हँसता हूँ
मैं बिल्कुल परिशान नहीं हूँ
फिर से आ जाऊ बातों में
मैं इतना नादान नहीं हूँ
तुझ को भी मैं जान चुका हूँ
ख़ुदस भी अंजान नहीं हूँ
यूँ ऐसे दस्तक ना दे अब
बस तू ऐसा मान नहीं हूँ
— Sarvjeet Singh















