वो मोहब्बत में पड़ गई मेरी
ज़ात हैरत में पड़ गई मेरी
साँस आदत में खींचता हूँ मैं
ज़िंदगी लत में पड़ गई मेरी
ख़्वाब को देखने की ख़्वाहिश में
शब मुसीबत में पड़ गई मेरी
— Saad Ahmad
ज़ात हैरत में पड़ गई मेरी
साँस आदत में खींचता हूँ मैं
ज़िंदगी लत में पड़ गई मेरी
ख़्वाब को देखने की ख़्वाहिश में
शब मुसीबत में पड़ गई मेरी
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