गुरु की रहमतों से भक्त का उद्धार होता है
इन्हीं की मेहरस रब का हमें दीदार होता है
चले नक़्शे क़दम पर जो अगर नूर-ए-इलाही के
तभी आवागमन के वो भँवर से पार होता है
रहें गर एक दूजे से सभी मिल कर उख़ुव्वत से
हमारा ख़ुशनुमा जा कर तभी संसार होता है
यही पैग़ाम देता जा रहा है ये मिशन अपना
मुहब्बत से फ़क़त सारा जहाँ गुलज़ार होता है
सभी को जोड़ने का काम ‛रोहित’ कर रहे मुर्शिद
हक़ीक़त में यही तो प्यार का किरदार होता है
— Rohit Asthana Prabhav















